बेख़ौफ़ जी ऐ परिंदे
Image Source: pikwizard
बेख़ौफ़
जी
ऐ
परिंदे
कल
की
क्यू
फ़िक्र
करता
है
आज
ऐसा
क्या
नहीं
जो
कल
की
सोचता
है
इस
पल
को
जी
भर
के
जी
क्यों
इसको
कल
की
फ़िक्र
में
खोता
है
काश
ये
हो
जाये
वो
हो
जाये
की
रट
लगाए
रखता
है
आज
जो
है
उसकी
कदर
कर
क्यों
मारा
मारा
फिरता
है
ऐ
परिंदे
तू
जी भर
के
क्यों नहीं
जीता
है?
थोड़ा
सुकून
आज
में
भी
देखा
कर
क्यू
इस
मोह
माया
में
पड़ता
है
ये
पल
कितना
अनोखा
है
तू
क्यों
इसे
खोता
है
आज
जो तेरे साथ है उसकी अहमियत समझ
क्यों
दुसरो के पीछे भागता है
जी
ले ये जिंदगी जी भर कर
क्यूंकि
क्या लाये थे साथ और क्या लेकर जाएंगे
ये
तो सारा जहां जनता है
बेख़ौफ़
जी
ऐ
परिंदे
क्यों
कल
के
पीछे
भागता
है

Thank you so much
ReplyDelete